जानिए डायबिटीज से जुड़े 4 सबसे बड़े झूठ

आज कई भ्रांतियां डायबिटीज को लेकर लोगों के मन में फैलाई जाती हैं. इस पोस्ट में हम जानेंगे कि वो कौन सी भ्रांतियां है, जो डायबिटीज की दुनिया के इर्द-गिर्द घूमते हैं.

जानिए डायबिटीज से जुड़े 4 सबसे बड़े झूठ
जानिए डायबिटीज से जुड़े 4 सबसे बड़े झूठ

आइए जानते हैं डायबिटीज से जुड़े 4 सबसे बड़े झूठ के बारे में.


1. पहला झूठ ये है कि कम उम्र के लोगों को डायबिटीज नहीं होती. ये एक बहुत बड़ा झूठ है. 2 से 4 वर्ष तक के बच्चे भी डायबिटीज के चपेट में आ सकते हैं. इसका उम्र से कोई विशेष लेना-देना नहीं है.

2. दूसरा झूठ ये है कि यदि आप मीठा कम खाते हैं तो आपको डायबिटीज नहीं हो सकती. डायबिटीज का मीठा खाने से कोई संबंध नहीं है. कई लोग जो रोज मीठा खाते हैं. वे भी डायबिटीज के शिकार नहीं होते. कई लोग ऐसे भी है जो मीठा नहीं खाते हैं. फिर भी वे डायबिटीज के शिकार हो जाते हैं.

3. तीसरा झूठ ये है कि पतले लोगों को कभी डायबिटीज नहीं होती. हार्वर्ड हेल्थ पब्लिकेशन के एक लेख के अनुसार, 80% लोग जिन्हें टाइप टू डायबिटीज होती है वे लोग ओवरवेट होते हैं. मगर 20% लोग ऐसे भी है जो पतले होते हैं. उन्हें भी डायबिटीज होती हैं. इसलिए ये कहना बिल्कुल गलत है कि मैं मोटा नहीं हुं. इसलिए मुझे डायबिटीज नहीं होगी. जीवन में हमेशा सक्रिय रहें तथा संतुलित आहार लें.

4. चौथा झूठ ये है कि डायबिटीज का कोई लक्षण नहीं है. सिर्फ जाँच से ही हम इसे पता कर सकते हैं. ये भी कुछ हद तक गलत है. डायबिटीज हमारे शरीर में हमेशा कुछ संकेत देता है. ये बात अलग है कि हमें इसकी जानकारी नहीं है. जिससे हम इसे पकड़ नहीं पाते हैं. बार-बार प्यास लगना या बार-बार पेशाब आना भी डायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं. हां, लेकिन टेस्ट ही डायबिटीज को कंफर्म करने का एक सही तरीका है.

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