अभी केरल में रहस्यमय तथा घातक निपाह वायरस कहर बनकर टूटा है. अमर उजाला पर छपी खबर के मुताबिक इस वायरस से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है. पहली बार इस वायरस की चपेट में आए केरल को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार निपाह वायरस एक ऐसा वायरस है जो जानवरों से मनुष्य में फैलता है. इस वायरस का मुख्य स्रोत चमगादड़ है. यह वैसे चमगादर है जो फल खाते हैं. इस चमगादड़ को फ्लाइंग फॉक्स के नाम से भी जाना जाता है.
निपाह वायरस की सबसे पहले पहचान 1998 में मलेशिया के निपाह गांव में हुई थी. 2001 में बांग्लादेश में भी इस वायरस के मामले दिखे थे.
चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सिर में लगातार दर्द होना, सांस में तकलीफ होना तथा तेज बुखार आना इसके प्रमुख लक्षण है.
इसका अब तक कोई इलाज उपलब्ध नहीं है. निपाह वायरस के इलाज के लिए अब तक कोई वैक्सिन नहीं बन पाया है. समय रहते सही इलाज व लगातार निगरानी से ही जान बच सकती है.
1. पेड़ से गिरे हुए फलों को ना खाएं. खासकर खजूर खाने से बचें.
2. चमगादड़ों की लार या पेशाब के संपर्क में आने से बचें. साथ ही सूअर से भी दूरी बनाकर रखें.
3. निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में ना आएं.
4. जिन जगहों पर निपाह वायरस फैला है वहां जाने से बचें.
Imge copyright : 1 - Google, 2&3 - Inditez7
आपको यह जानकारी कैसी लगी, कमेंट में जरूर बताएँ. पोस्ट पसंद आने पर लाइक और शेयर जरूर करें.
![]() |
| जानिए क्या है निपाह वायरस, इसके लक्षण और बचाव के उपाय |
इस पोस्ट में हम जानेंगे कि आखिर क्या है निपाह वायरस. इससे बचाव के उपाय क्या है?
क्या है निपाह वायरस?
![]() |
| जानिए क्या है निपाह वायरस, इसके लक्षण और बचाव के उपाय |
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार निपाह वायरस एक ऐसा वायरस है जो जानवरों से मनुष्य में फैलता है. इस वायरस का मुख्य स्रोत चमगादड़ है. यह वैसे चमगादर है जो फल खाते हैं. इस चमगादड़ को फ्लाइंग फॉक्स के नाम से भी जाना जाता है.
निपाह वायरस की सबसे पहले पहचान 1998 में मलेशिया के निपाह गांव में हुई थी. 2001 में बांग्लादेश में भी इस वायरस के मामले दिखे थे.
निपाह वायरस के लक्षण क्या है?
चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सिर में लगातार दर्द होना, सांस में तकलीफ होना तथा तेज बुखार आना इसके प्रमुख लक्षण है.
निपाह वायरस के इलाज क्या है?
![]() |
| जानिए क्या है निपाह वायरस, इसके लक्षण और बचाव के उपाय |
इसका अब तक कोई इलाज उपलब्ध नहीं है. निपाह वायरस के इलाज के लिए अब तक कोई वैक्सिन नहीं बन पाया है. समय रहते सही इलाज व लगातार निगरानी से ही जान बच सकती है.
निपाह वायरस से कैसे बचें?
1. पेड़ से गिरे हुए फलों को ना खाएं. खासकर खजूर खाने से बचें.
2. चमगादड़ों की लार या पेशाब के संपर्क में आने से बचें. साथ ही सूअर से भी दूरी बनाकर रखें.
3. निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में ना आएं.
4. जिन जगहों पर निपाह वायरस फैला है वहां जाने से बचें.
Imge copyright : 1 - Google, 2&3 - Inditez7
आपको यह जानकारी कैसी लगी, कमेंट में जरूर बताएँ. पोस्ट पसंद आने पर लाइक और शेयर जरूर करें.



Comments
Post a Comment