देसी चना न्यूट्रिएंट्स के मामले में बादाम से भी अधिक फायदेमंद होता है. चने में फाइबर, प्रोटीन, मिनरल और विटामिंस प्रचुर मात्रा में होते हैं. जो हमें हेल्दी बनाए रखने में काफी सहायक होते हैं. वैसे तो हर आदमी के लिए चने खाने के अपने लाभ है. लेकिन खासकर पुरुषों को तो यह अवश्य खाने चाहिए.
1. बार-बार पेशाब जाने की समस्या से बचने के लिए भुने हुए चनों का सेवन करना चाहिए. गुड़ और चना खाने से भी मूत्र से संबंधित समस्याओं में राहत पहुंचती है.
2. भीगे चने शक्ति और ऊर्जा का बहुत बड़ा स्रोत है. इसके नियमित सेवन से कमजोरी दूर होती है. प्रतिदिन सुबह एक चम्मच गुड़ के साथ मुट्ठी भर भीगे हुए चने खाने से स्पर्म काउंट बढ़ता है. इसके नियमित सेवन से नपुंसकता दूर होती है.
3. सर्दियों में चने के आटे का हलवा दमा के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है.
4. यदि गर्भवती महिला को उल्टी हो तो भुने हुए चने का सत्तू अवश्य पिलाएं. इसके सेवन से उल्टी की समस्या कम हो जाती है.
5. बवासीर के मरीजों को भुने चने का सेवन जरूर करना चाहिए. प्रतिदिन भुने चने के सेवन से बवासीर ठीक हो जाता है.
6. चने के आटे की रोटी 50 से 60 दिनों तक नियमित खाने से दाद, खाज, खुजली आदि जैसे त्वचा संबंधित बीमारियां नहीं होती है.
ध्यान रखे कि यदि आपकी पाचन शक्ति कमजोर हो या चना खाने से पेट में गैस बनता है तो आपको चने का सेवन नहीं करना चाहिए.
आपको यह पोस्ट कैसी लगी, कमेंट में जरूर बताएँ. पोस्ट पसंद आने पर लाइक और शेयर जरूर करे एवं एेसी ही पोस्ट लगातार पाने के लिए हमें फॉलो करना न भूले. आपका धन्यवाद.
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इस पोस्ट में हम जानेंगे कि इन 6 बीमारियों का दुश्मन है चना. तो चलिए जानते हैं इसके बारे में.
1. बार-बार पेशाब जाने की समस्या से बचने के लिए भुने हुए चनों का सेवन करना चाहिए. गुड़ और चना खाने से भी मूत्र से संबंधित समस्याओं में राहत पहुंचती है.
2. भीगे चने शक्ति और ऊर्जा का बहुत बड़ा स्रोत है. इसके नियमित सेवन से कमजोरी दूर होती है. प्रतिदिन सुबह एक चम्मच गुड़ के साथ मुट्ठी भर भीगे हुए चने खाने से स्पर्म काउंट बढ़ता है. इसके नियमित सेवन से नपुंसकता दूर होती है.
3. सर्दियों में चने के आटे का हलवा दमा के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है.
4. यदि गर्भवती महिला को उल्टी हो तो भुने हुए चने का सत्तू अवश्य पिलाएं. इसके सेवन से उल्टी की समस्या कम हो जाती है.
5. बवासीर के मरीजों को भुने चने का सेवन जरूर करना चाहिए. प्रतिदिन भुने चने के सेवन से बवासीर ठीक हो जाता है.
6. चने के आटे की रोटी 50 से 60 दिनों तक नियमित खाने से दाद, खाज, खुजली आदि जैसे त्वचा संबंधित बीमारियां नहीं होती है.
ध्यान रखे कि यदि आपकी पाचन शक्ति कमजोर हो या चना खाने से पेट में गैस बनता है तो आपको चने का सेवन नहीं करना चाहिए.
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