आयुर्वेद में च्यवनप्राश का बड़ा महत्व है. च्यवनप्राश में लगभग 36 प्रकार की जड़ी बूटियां होती है. केसर, नागकेसर, पिप्पली, शहद, इलायची, दालचीनी, नागमोथा सहित कई वनस्पतियां मिलाकर इसे तैयार किया जाता है.
च्यवनप्राश एक प्राकृतिक टॉनिक है, जो हेल्दी बनाए रखने और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए उपयोगी है. च्यवनप्राश एक ऐसा सप्लीमेंट है, जो रोगों से लड़ने में मददगार है.
च्यवनप्राश में बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो हमारी स्किन को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसानों से बचाते हैं. इसके नियमित सेवन से चेहरे पर फाइन लाइंस और झुर्रियां कम हो जाती है. यदि आप हमेशा सुंदर और जवान दिखना चाहते हैं तो आप च्यवनप्राश का जरूर सेवन करें.
ध्यान रहे कि बारिश के दिनों में च्यवनप्राश का सेवन ना करें. इससे आपकी पाचन क्रिया गड़बड़ा जाती है. जिससे एसिडिटी, अपच और कब्ज की समस्या हो जाती है.
Image source : Pixabay, Flickr
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इस पोस्ट में हम जानेंगे, अगर आप हमेशा सुंदर और जवान दिखना चाहते हैं तो च्यवनप्राश का भरपूर सेवन करें.
च्यवनप्राश में बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो हमारी स्किन को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसानों से बचाते हैं. इसके नियमित सेवन से चेहरे पर फाइन लाइंस और झुर्रियां कम हो जाती है. यदि आप हमेशा सुंदर और जवान दिखना चाहते हैं तो आप च्यवनप्राश का जरूर सेवन करें.
ध्यान रहे कि बारिश के दिनों में च्यवनप्राश का सेवन ना करें. इससे आपकी पाचन क्रिया गड़बड़ा जाती है. जिससे एसिडिटी, अपच और कब्ज की समस्या हो जाती है.
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