जीका वायरस क्या है? जानिए इसका इतिहास, कारक, लक्षण और बचाव

Zika fever in hindi

जीका वायरस से होने वाली बीमारी जितनी खतरनाक है उतनी ही आसानी से यह हमें प्रभावित भी करती हैं. जीका वायरस मच्छरों के काटने से होने वाली एक वायरल बीमारी है. इसका वाहक येलो फीवर फैलाने वाले एडीज इजिप्टी मच्छर होते हैं. यह मच्छर दिन में ही काटते हैं.
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जीका वायरस का इतिहास Zika virus history
zika virus countries



जीका वायरस पहली बार ( zika virus origin ) युगांडा के जंगल जीका में सन 1947 में हुआ था. उसी के नाम पर इसका नाम जीका वायरस रखा गया है. जो उस समय बंदरों में हुआ था, फिर 1952 में युगांडा में ही यह मनुष्य में भी फैल गया. उसके बाद यह धीरे-धीरे अफ्रीका और एशियाई देशों में भी फैलता गया. 2015 में अमेरिका और ब्राजील में इसके कई मामले सामने आए और अब यह भारत में भी आ गया है. सन 2017 में गुजरात के अहमदाबाद से भी इसके 3 मामले सामने आए है।

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अभी तक यह लगभग 18 देशों में पाया गया है. इसके प्रभाव से नवजात बच्चों के सिर का साइज छोटा हो जाता है क्योंकि जीका वायरस गर्भवती महिलाओं से उनके नवजात बच्चे तक पहुंच जाता है. जिससे बच्चे के मस्तिष्क का विकास ठीक से नहीं हो पाता है, साथ ही  कान और आँख भी असमान्य हो जाती है. इस बीमारी को माइक्रोसिफली कहा जाता है. पिछले साल जीका वायरस इंडिया के गुजरात से भी जीका वायरस से प्रभावित 3 ऐसे ही मामले सामने आए हैं.

जीका वायरस कैसे होता है ?
Zika virus causes


मच्छरों के काटने पर यह तुरंत ही नहीं हो जाता है, इसको होने में लगभग 3 से 4 हफ्ते का समय लग जाता है. यह सेक्सुअली भी ट्रांसमिट हो सकता है. इसलिए जीका वायरस से पीड़ित लोगों को सेक्स करने से परहेज करना चाहिए. गर्भवती महिला अगर जीका वायरस से संक्रमित हो जाए तो उससे यह उसके नवजात शिशु को भी हो जाता है.
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चलिए अब जानते हैं ज़ीका बुखार के लक्षण
zika fever symptoms



जीका वायरस के लक्षण बिल्कुल डेंगू बुखार की तरह ही होते हैं. हालांकि कई मामलों में इसके लक्षण जल्दी दिखाई नहीं पड़ते हैं. मांसपेशियों में दर्द होना, उल्टी होना, जोड़ो में दर्द होना, सिर दर्द, बुखार और आंखों का लाल होना जीका वायरस के लक्षण है।


ज़ीका बुखार के उपचार
zika virus prevention


इसके बचाव के लिए अभी तक कोई कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. इसलिए मच्छरों से बचें एवं मच्छर भगाने के तरीकों का इस्तेमाल करें. मच्छरदानी का प्रयोग करें और दिन में शरीर को ढककर रखें. जीका वायरस का मच्छर पानी में ही रहता है, इसलिए घरों में या घर के आसपास पानी का जमाव ना होने दें. अगर आपको जीका वायरस के लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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