Arthritis in hindi
आर्थराइटिस एक जोड़ों की बीमारी है. इसे हिंदी में गठिया, संधिवात या संधि-शोथ भी कहा जाता है. यह एक आम बीमारी हो गई है, जो बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं में भी बढ़ता जा रहा है. चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार आज हर 6 में से 1 लोग आर्थराइटिस से पीड़ित हैं. हालांकि यह बढ़ती उम्र के लोगों में अधिक देखा गया है. इसमें चलने, उठने-बैठने और हिलने-डुलने पर भी असहनीय दर्द होता है.
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Arthritis Types
गठिया के प्रकार 100 से भी अधिक तरह की होती है लेकिन उनमें से यह तीन प्रमुख है.
1. Rheumatoid Arthritis ( रूमेटाइड आर्थराइटिस ) : यह 30 से 60 वर्ष की आयु में अधिक होता है. यह शरीर की हड्डियों के किसी भी जोङ पर हो सकता है. जैसे हाथ की अंगुलियों में भी यह हो सकता है.
2. Knee Osteoarthritis ( नी ऑस्टियोआर्थराइटिस ) : यह एक घुटने का आर्थराइटिस है. 65 साल की उम्र के बाद 2 में से हर 1 लोगों में यह देखा गया है.
3. कुल्हें का आर्थराइटिस ( Hip ): यह हर 4 लोगों में से 1 लोगों को हो सकता है. यह भी 65 साल की उम्र के बाद होने वाला एक प्रमुख आर्थराइटिस है.
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चलिए अब जानिए यह क्यों होता है ?
Arthritis Causes
1. नियमित व्यायाम और पौस्टिक भोजन की कमी, लंबे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों के कारण आर्थराइटिस बढ़ता जा रहा है.
2. प्रदूषण, खराब फैट, जंक फूड, फास्ट फूड और डिब्बाबंद खाना आर्थराइटिस होने की संभावना को बढ़ाता है.
3. निष्क्रिय जीवनशैली और बढ़ता मोटापा भी आर्थराइटिस होने के प्रमुख कारण है. 3 में से 2 लोग जो मोटापे से पीड़ित है, को आर्थराइटिस हो सकता है.
4. अर्थराइटिस में जोड़ों के बीच के कार्टिलेज घिस जाते हैं. कार्टिलेज, जिस पर हड्डियां आसानी से घूमती है. यह हड्डियों के सिरों पर एक लचीले Tissue की परत होती है.
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आर्थराइटिस होने से कैसे बचें ?
Arthritis Cure
1. नियमित रुप से टहलें और व्यायाम करें.
2. तनाव मुक्त जीवन अपनाएं.
3. पौष्टिक भोजन, हरी सब्जियों और फलों का सेवन करें.
4. फास्ट फूड और जंक फूड से दूर ही रहे तो अच्छा है.
5. घर के छोटे-मोटे काम खुद से करें. ऐसा करने से आपके जोङ चुस्त और दुरुस्त रहेंगे और आप आर्थराइटिस से बचे रहेंगे.
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